Sunday, February 17, 2019

पाकिस्तान को बड़ा झटका देने के लिए भारत एक और कदम उठाने की तैयारी में है.

पाकिस्तान को बड़ा झटका देने के लिए भारत एक और कदम उठाने की तैयारी में है.

अगले हफ्ते होने वाली  फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की बैठक के मद्देनजर भारत पुलवामा हमले के बाद तमाम एजेंसियों पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों का डोजियर तैयार कर रहा है. ऐसे में अगर एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर देता है तो इससे आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, यूरोपीय संघ जैसे बहुपक्षीय कर्जदाता उसकी ग्रेडिंग कम कर सकते हैं. लिहाजा कोई भी देश कर्ज़ देने से कतराएगा और इससे पाकिस्तान की बदहाली बढ़ती जाएगी.आपको बता दें कि फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पिछले साल पाकिस्तान को 'ग्रे लिस्ट' में डाल दिया था. इससे पहले पाकिस्तान साल 2012 से 2015 तक FATF की ग्रे लिस्ट में रहा है.ये भी पढ़ें-भारत ने पाकिस्तान से वापस लिया मोस्ट फेवर्ड नेशन का स्टेटस! अब होगा ये असरअब क्या होगा-भारत जल्द ही आतंकी गतिविधियों की फाइनेंसिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था एफएटीएफ को एक डॉजियर सौंपेगा. इस डोजियर में पुलवामा आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान के खिलाफ सबूत सौंपे जाएंगे. इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने शनिवार को इस बात की जानकारी दी. बताया जा रहा है कि भारत की कोशिश एफएटीएफ की तरफ से पाक को ब्लैकलिस्ट कराने की होगी.एफएटीएफ की ओर से किसी देश को ब्लैकलिस्ट करने का मतलब है कि वह देश मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी गतिविधियों के लिए फंडिंग के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में सहयोग नहीं कर रहा है.
ऐसे में अगर एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर देता है तो इससे आईएमएफ, वर्ल्ड बैंक, यूरोपीय संघ जैसे बहुपक्षीय कर्जदाता उसकी ग्रेडिंग कम कर सकते हैं. लिहाजा दुनियाभर के देशों की ओर से आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा.ये भी पढ़ें-कंगाली की कगार पर खड़ा पाकिस्तान क्यों खर्च कर रहा है सऊदी प्रिंस के स्वागत में करोड़ों

पुलवामा हमले के बाद भारत की सभी एजेंसियों पाकिस्तान के खिलाफ सबूतों का डोजियर तैयार कर रहा है. ऐसे में अगर एफएटीएफ पाकिस्तान को ब्लैकलिस्ट कर देता है तो दुनियाभर के देशों की ओर से आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाएगा.

क्या है एफएटीएफ-G-7 देशों की पहल पर एफएटीएफ की स्थापना 1989 में हुई थी. ये एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है. इस संगठन के सदस्यों की संख्या 37 है. भारत भी इस संगठन का सदस्य है. इसका मुख्य उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग पर लगाम लगाने में नाकाम देशों की रेटिंग तैयार करना है. एफएटीएफ ऐसे देशों की दो लिस्ट तैयार करता है. पहली लिस्ट ग्रे और दूसरी ब्लैक होती है. ग्रे लिस्ट में शामिल होने वाले देशों को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से आर्थिक मदद मिलने में मुश्किल होती है. वहीं, ब्लैक लिस्ट में आने वाले देशों को आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता पूरी तरह से बंद हो जाता है.
पाकिस्तान का मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा खत्म करने के बाद अब भारत उठाएगा ये बड़ा कदम!भारत ने उठाए ये कदम- सुरक्षा मामलों की कैबिनेट कमेटी की बैठक में पाकिस्तान को दिया गया मोस्ट फेवर्ड नेशंस (MFN) का स्टेटस वापस ले लिया गया है. जिससे पाक से आयात होने वाली किसी भी वस्तु पर अब 200 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगेगी. अंतरराष्ट्रीय दबाव के बीच भारत का यह प्रयास रहेगा कि पहले से ही आर्थिक मोर्चे पर जूझ रहे पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग-थलग किया जाए.
पाकिस्तान को लगा बड़ा झटका! अब यूरोपीय देशों के संगठन ने ब्लैकलिस्ट में डाला

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