बेनीवाल ने उठाई किसानों की संपूर्ण कर्ज़ माफी की मांग, सीएम गहलोत बोले यह हर किसान की मांग है
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा सत्र में शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव...
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा सत्र में शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से नियम 50 के तहत प्रदेश के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग की और सरकार से कहा की किसानों की स्थिति मजबूत करनी है तो किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी अत्यन्त आवश्यक है। विधायक ने सदन में कहा की आज़ादी के दशकों बाद किसान की उपज मंडी में बिक नहीं रही है। किसान कर्जे के तले आत्महत्या कर रहा है और स्वामीनाथन आयोग की संपूर्ण सिफारिशें लागू नहीं है। ऐसे में जो स्थिति किसान की है उसके लिए हम सबको सोचने की ज़रूरत है। बेनीवाल ने कहा की महाराष्ट्र और उड़ीसा में सबसे ज़्यादा किसान आत्महत्या करते थे। विगत सालों से राजस्थान के किसान भी कर्ज के तले आत्महत्या ये कर चुके है। बेनीवाल ने कहा की पिछली सरकार ने जिस 50 हज़ार के कर्जे की माफी की घोषणा की उसके अनुसार 8 हज़ार करोड़ की राशि माफ़ होनी थी। मगर उसके बाद सरकार ने बजट मात्र 2 हज़ार करोड़ का ही रखा।
विधायक बेनीवाल ने कहा : किसानों की कर्ज माफी में आनाकानी क्याें हो रही है -
विधायक बेनीवाल ने कहा की जब धन्ना सेठों का करोड़ों का कर्ज़ा माफ़ किया जा सकता है तो किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी में क्यों आनाकानी की जाती है, विधायक ने कहा की केसीसी सहित तमाम लोन अगर एक बार किसानों के माफ़ कर दिए गए तो किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
बेनीवाल ने कहा की राजस्थान सरकार के पास अगर आर्थिक तंगी है तो विपक्ष में भाजपा बैठी है और केंद्र में इनकी सरकार और सरकार विपक्ष एक होकर किसानों के कर्ज माफी के लिए केंद्र से गुहार लगाए। उन्होंने कहा की दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव से पूर्व प्रदेश में आए तो किसानों की कर्ज माफी की बात कही। इसलिए जहां किसान हित की बात आती है वहां हमें मिलकर किसान कल्याण का सोचने और करने की ज़रूरत है।
यह कहा भोपालगढ़ विधायक ने -
रालोपा से भोपाल गढ़ विधायक इंजी पुखराज गर्ग ने भी शून्यकाल में कर्ज माफी की मांग की। उन्होंने सदन में बेनीवाल के बाद बोला की विगत भाजपा सरकार ने 50 हज़ार के कर्ज तक राशि को माफ़ करने की घोषणा की। उसमें भी इतने राइडर लगा दिए की किसान को उसका लाभ नहीं मिला इसलिए किसान की संपूर्ण कर्ज माफी की जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बेनीवाल के स्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा की हमारी सरकार ने सहकारी बैंकों के कर्ज़दार किसानों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार समस्त बकाया अल्पकालीन लोन माफ़ करने का निर्णय लिया साथ ही राष्ट्रीय कृत, अनुसूचित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों व भूमि विकास बैंकों के कर्ज़दार किसानों की आर्थिक स्थिति संकट ग्रस्त है और जो अपना कर्ज़ा नहीं चुका पाए उनके 2 लाख रुपए तक का कर्ज़ा माफ़ करने का निर्णय लिया गया है।
आरएएस अभ्यर्थियों की उठाई मांग -
हनुमान बेनीवाल ने पॉइंट ऑफ इन्फॉरमेशन से राजस्थान यूनिवर्सिटी मे आरएएस मुख्य परीक्षा 2018 की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे धरने की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित किया और कहा की सरकार संवेदनशीलता दिखाए और उक्त परीक्षा की तिथि को कम से कम 4 माह आगे बढ़ाए और कड़ाके की सर्दी में बैठे अभ्यर्थियों का धरना व अनशन समाप्त सरकार करवाए। उन्होंने आरएएस 2016 मे चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति दे क्योंकि 15 माह से उनके साथ अन्याय हो रहा है और भावी अफसरों को धरने से भी पुलिस ने ज़बरन हटाया। जवाब में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मामला संज्ञान में आ गया है जल्द की सकारात्मक खबर मिलेगी।
अन्य मामलों को भी बेनीवाल ने सदन में रखा-
खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने किसानों की कर्ज माफी के अलावा जन हित से जुड़े अनेक मुद्दों को सदर में रखा। विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकार को आमजन के हितों के लिए ही काम करना चाहिए। भाजपा सरकार ने लोगों की अनदेखी की तो हार देखने को मिली।
- राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा सत्र में शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव...
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी से खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा सत्र में शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से नियम 50 के तहत प्रदेश के किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी की मांग की और सरकार से कहा की किसानों की स्थिति मजबूत करनी है तो किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी अत्यन्त आवश्यक है। विधायक ने सदन में कहा की आज़ादी के दशकों बाद किसान की उपज मंडी में बिक नहीं रही है। किसान कर्जे के तले आत्महत्या कर रहा है और स्वामीनाथन आयोग की संपूर्ण सिफारिशें लागू नहीं है। ऐसे में जो स्थिति किसान की है उसके लिए हम सबको सोचने की ज़रूरत है। बेनीवाल ने कहा की महाराष्ट्र और उड़ीसा में सबसे ज़्यादा किसान आत्महत्या करते थे। विगत सालों से राजस्थान के किसान भी कर्ज के तले आत्महत्या ये कर चुके है। बेनीवाल ने कहा की पिछली सरकार ने जिस 50 हज़ार के कर्जे की माफी की घोषणा की उसके अनुसार 8 हज़ार करोड़ की राशि माफ़ होनी थी। मगर उसके बाद सरकार ने बजट मात्र 2 हज़ार करोड़ का ही रखा।
विधायक बेनीवाल ने कहा : किसानों की कर्ज माफी में आनाकानी क्याें हो रही है -
विधायक बेनीवाल ने कहा की जब धन्ना सेठों का करोड़ों का कर्ज़ा माफ़ किया जा सकता है तो किसानों की संपूर्ण कर्ज माफी में क्यों आनाकानी की जाती है, विधायक ने कहा की केसीसी सहित तमाम लोन अगर एक बार किसानों के माफ़ कर दिए गए तो किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
बेनीवाल ने कहा की राजस्थान सरकार के पास अगर आर्थिक तंगी है तो विपक्ष में भाजपा बैठी है और केंद्र में इनकी सरकार और सरकार विपक्ष एक होकर किसानों के कर्ज माफी के लिए केंद्र से गुहार लगाए। उन्होंने कहा की दोनों दलों के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव से पूर्व प्रदेश में आए तो किसानों की कर्ज माफी की बात कही। इसलिए जहां किसान हित की बात आती है वहां हमें मिलकर किसान कल्याण का सोचने और करने की ज़रूरत है।
यह कहा भोपालगढ़ विधायक ने -
रालोपा से भोपाल गढ़ विधायक इंजी पुखराज गर्ग ने भी शून्यकाल में कर्ज माफी की मांग की। उन्होंने सदन में बेनीवाल के बाद बोला की विगत भाजपा सरकार ने 50 हज़ार के कर्ज तक राशि को माफ़ करने की घोषणा की। उसमें भी इतने राइडर लगा दिए की किसान को उसका लाभ नहीं मिला इसलिए किसान की संपूर्ण कर्ज माफी की जाए। इसके बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बेनीवाल के स्थगन प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा की हमारी सरकार ने सहकारी बैंकों के कर्ज़दार किसानों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार समस्त बकाया अल्पकालीन लोन माफ़ करने का निर्णय लिया साथ ही राष्ट्रीय कृत, अनुसूचित क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों व भूमि विकास बैंकों के कर्ज़दार किसानों की आर्थिक स्थिति संकट ग्रस्त है और जो अपना कर्ज़ा नहीं चुका पाए उनके 2 लाख रुपए तक का कर्ज़ा माफ़ करने का निर्णय लिया गया है।
आरएएस अभ्यर्थियों की उठाई मांग -
हनुमान बेनीवाल ने पॉइंट ऑफ इन्फॉरमेशन से राजस्थान यूनिवर्सिटी मे आरएएस मुख्य परीक्षा 2018 की तिथि को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे धरने की तरफ सरकार का ध्यान आकर्षित किया और कहा की सरकार संवेदनशीलता दिखाए और उक्त परीक्षा की तिथि को कम से कम 4 माह आगे बढ़ाए और कड़ाके की सर्दी में बैठे अभ्यर्थियों का धरना व अनशन समाप्त सरकार करवाए। उन्होंने आरएएस 2016 मे चयनित अभ्यर्थियों को तत्काल नियुक्ति दे क्योंकि 15 माह से उनके साथ अन्याय हो रहा है और भावी अफसरों को धरने से भी पुलिस ने ज़बरन हटाया। जवाब में परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि मामला संज्ञान में आ गया है जल्द की सकारात्मक खबर मिलेगी।
अन्य मामलों को भी बेनीवाल ने सदन में रखा-
खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने किसानों की कर्ज माफी के अलावा जन हित से जुड़े अनेक मुद्दों को सदर में रखा। विधायक हनुमान बेनीवाल ने कहा कि सरकार को आमजन के हितों के लिए ही काम करना चाहिए। भाजपा सरकार ने लोगों की अनदेखी की तो हार देखने को मिली।



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