Saturday, December 22, 2018

बीजेपी अध्यक्ष की बैठक में बोले राम मंदिर वहीं बनाएंगे

अहमदाबाद से 210 किमी दूर हुई अमित शाह मोहन भागवत और संतों के बीच बैठक बीजेपी अध्यक्ष बोले राम मंदिर वहीं बनाएंगे लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में राम मंदिर निर्णय को लेकर कवायद तेज हो गई है अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण कार्य जल्द से जल्द कैसे प्रारंभ हो इसके रास्ते तलाशने के लिए चर्चाओं का दौर जारी है
आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और हिंदू संतों ने शुक्रवार को अयोध्या में विवादित राम जन्मभूमि बाबरी मस्जिद स्थल पर मंदिर निर्माण को लेकर आगे के रास्तों पर चर्चा की है यह जानकारी बैठक में हिस्सा लेने वाले धार्मिक नेताओं ने दी उन्होंने बताया कि अमदाबाद से 210 किलोमीटर दूर राजकोट में दो दिवसीय हिंदू आचार्य सभा बैठक में मौजूद भागवत और संतों ने स्पष्ट रूप से विचार व्यक्त किया कि मंदिर का निर्माण मई 2019 से पहले शुरू हो जाना चाहिए जब नरेंद्र मोदी सरकार का कार्यकाल समाप्त होगा
हिंदू नेताओं ने बताया कि बैठक में अमित शाह ने भरोसा दिया कि अयोध्या में मंदिर का निर्माण होगा शुक्रवार को संपन्न हुई बैठक में हिस्सा लेने वाले आचार्य सतगुरु महाराज ने कहा मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई एक रास्ता है विधिक रास्ता है नेता अपना काम कर रहे हैं संतों ने कहा कि वह राम मंदिर निर्माण को जितना जल्दी संभव हो आगे बढ़ाना चाहते हैं राजस्थान के जोधपुर में रहने वाले संत गिरी महाराज ने कहा मैं उम्मीद करता हूं कि वह दो-तीन महीने में कुछ करेंगे
सुप्रीम कोर्ट द्वारा बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि मालिकाना हक विवादित पर जनवरी में सुनवाई किए जाने की उम्मीद है यह पूछे जाने पर कि क्या भाजपा को मंदिर का निर्माण 2019 से पहले शुरू करने का एक अल्टीमेट दिया गया छत गिरी ने ना में जवाब दिया सत गिरी ने कहा मोहन जी ने अपनी इच्छा व्यक्त की कि राम मंदिर का निर्माण 2019 चुनाव से पहले शुरू होना चाहिए लेकिन कोई अल्टीमेट नहीं दिया गया
आरएसएस प्रवक्ता विजय ठाकुर ने कहा कि हिंदू आचार्य सभा का आयोजन प्रत्येक 2 वर्ष पर होता है जिसमें हिंदू समाज से संबंधित सामाजिक राजनीतिक और शैक्षणिक मुद्दों पर चर्चा होती है हिंदू सभा में भागवत और शाह के अलावा राम माधव और सुब्रमण्यम स्वामी जैसे नेताओं ने भी हिस्सा लिया स्वामी ने कहा कि दलीलें हिंदुओं के पक्ष में है कि उन्हें राम मंदिर के लिए जमीन मिल जाएगी लेकिन सवाल यह है कि उच्चतम न्यायालय मामले की सुनवाई कब करेगा उन्होंने कहा पूर्व प्रधानमंत्री नरसिंह राव ने कहा था कि यदि यह साबित हो जाता है कि उसी स्थान पर एक मंदिर था तो हम जमीन हिंदुओं को दे देंगे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने भी यह साबित किया है उन्होंने कहा उच्चतम न्यायालय ने भी फैसला दिया है कि नमाज के लिए मस्जिद जरूरी हिस्सा नहीं है जो कि कहीं भी की जा सकती है सभी चीजें और दलीलें हमारे पक्ष में हैं उन्होंने कहा अब देखना है कि सुनवाई कब होती है और फैसला कब आता है बैठक राजकोट में हर्ष विद्या मंदिर में हुई जिसमें करीब 100 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया
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