Monday, November 19, 2018

भारत में पुरुष विकास मंत्रालय की मांग उठी

19 नवंबर यानी विश्व पुरुष दिवस किस दिन मनाया जाता है यह दिन किस लिए मनाया जाता है नहीं तो इसका जवाब है कि यह दिन पुरुषों को भेदभाव शोषण उत्पीड़न हिंसा और ऐसा मानता से बचाने और उन्हें उनके अधिकार दिलाने के लिए बनाया जाता है सुनने में थोड़ा सा अजीब लग रहा होगा लेकिन यह सच है महिलाओं की तरह पुरुष दिए असमानता का शिकार होते हैं
आपको अभी भी यकीन नहीं हो रहा होगा तो जरा इन आंकड़ों पर नजर डाले पूरी दुनिया में होने वाली कुल आत्महत्या में 76 फ़ीसदी पुरुष होते हैं पूरी दुनिया में 85 प्रतिशत बेघर लोग पुरुष हैं इतना ही नहीं पूरी दुनिया में होने वाली आत्महत्या ओं में 70 फ़ीसदी आबादी पुरुषों की होती है यहां तक कि घर की चारदीवारी के भीतर यहां पुरुष प्रधान माना जाता है वहां भी घरेलू हिंसा के शिकार लोगों में 40 फ़ीसदी संख्या पुरुषों की है
पूरी दुनिया में महिलाओं से 3 गुना ज्यादा पुरुष आत्महत्या करते हैं प्रत्येक तीन में से एक पुरुष घरेलू हिंसा का शिकार होता है पुरुषों की औसत आयु महिलाओं से कम है इसलिए अमूमन महिलाओं से चार-पांच साल पहले ही पुरुषों की मौत हो जाती है पुरुष सख्त दिल माने जाते हैं लेकिन महिलाओं के लिए मुकाबले दिल के मरीजों की संख्या दुगुनी है
अमेरिका स्थित मिस और यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर थॉमस हॉस्टल के प्रयास पर पहली बार 7 फरवरी 1993 को अमेरिका कनाडा और यूरोप के कुछ देशों ने अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया था धीरे-धीरे ये चलन अन्य देशों में भी फैला और फिर साल 1995 से कई देशों में फरवरी महीने में पुरुष दिवस मनाना बंद कर दिया इसके बाद विभिन्न देशों ने अपने अपने हिसाब से पुरुष दिवस मनाना जारी रखा 1998 में त्रिनिदाद एंड टोबैगो ने पहली बार 19 नवंबर को अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया गया इसका सारा शरीर डॉक्टर जी राम तिलक सिंह को जाता है उन्होंने इसे मनाने की पहल की और इसके लिए 19 नवंबर का दिन सुना इसी दिन उनके देश में पहली बार फुटबॉल विश्व कप के लिए क्वालीफाई कर के देश को जोड़ने का काम किया था उनके इस प्रयास के बाद से ही हर साल 19 नवंबर को दुनिया भर में 60 देशों में अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाया जाता है और यूनिस को भी उनके इस प्रयास की सराहना कर चुकी है
हाल के दिनों में महिलाओं के शोषण के खिलाफ शुरू किया गया मिट्ठू अभियान काफी सुर्खियों में रहा है इस दौरान बहुत सी महिलाओं ने पुरुषों पर आरोप लगाए उनके आरोप कितने सही हैं या कितने गलत यह जांच का विषय है लेकिन सालों बाद लगाए गए आरोपों पर कि सवाल भी खड़े हुए एक सवाल यह भी खड़ा हुआ कि क्या पूरी दुनिया में पुरुष ही महिलाओं का शोषण कर रहे हैं इसको लेकर लोगों की अलग-अलग राय है पूर्व में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं जिसमें किसी महिला द्वारा पुरुष का शोषण उत्पीड़न दुष्कर्म का हिस्सा जैसी वारदात की गई मी टू के बाद इसके जवाब में अक्टूबर 2018 में बेंगलुरु के 15 पुरुषों ने मेन तू आंदोलन की शुरुआत की इस मैन 2 अभियान के तहत इन लोगों ने महिलाओं के हाथों अपने उत्पीड़न की कहानी को सोशल मीडिया पर शेयर किया

Share:

0 komentar:

Post a Comment

Copyright © Rameshnath | Powered by Ramesh Nath Design by Ramesh Nath | Blogger Theme by Ramesh Nath