Thursday, October 4, 2018

राजस्थान की स्थिति विस्तार

*राजस्थान भारत के उत्तर पश्चिम में स्थित है तथा क्षेत्रफल की दृष्टि से देश का सबसे बड़ा राज्य है इसका क्षेत्रफल 342239 वर्ग किमी है जो भारत के कुल क्षेत्रफल का 10. 41%है राजस्थान पूर्व में गंगा यमुना नदियों के व्रत मैदान दक्षिण में मालवा के पठार व उत्तर पश्चिम व्यास नदियों के मैदान तथा पश्चिम में पाकिस्तान से गिरा हुआ है राज्य के मध्य में उत्तर पूर्व से दक्षिण पश्चिम तक फैली अरावली पर्वत माला से जलवायु एवं  धरातल की दृष्टि से समान भागों में विभाजित करती है राजस्थान की भौगोलिक स्थिति को निम्न प्रकार समझाया जा सकता है
स्थिति :राजस्थान प्रदेश 23°3 मिनट उत्तरी अक्षांश से 30 डिग्री 12 मिनट उत्तरी अक्षांश तथा 69 डिग्री 30 मिनट पूर्वी देशांतर से 78 डिग्री 17 मिनट पूर्वी देशांतर के मध्य स्थित है राजस्थान का अधिकांश भाग कर्क रेखा के उत्तर में स्थित है कर्क रेखा राज्य में  डूंगरपुर जिले को दक्षिणी सीमा से होते हुए बांसवाड़ा जिले के लगभग मध्य से गुजरती है बांसवाड़ा शहर कर्क रेखा से राज्य का सर्वाधिक नजदीक स्थित है कर्क रेखा के उत्तर में होने के कारण जलवायु की दृष्टि से राज्य का अधिकांश भाग उपोष्ण कटिबंध में स्थित है बांसवाड़ा जिले का अधिकांश भाग उष्ण कटिबंध में है
विस्तार: उत्तर से दक्षिण तक राज्य की लंबाई 820 किलोमीटर है विस्तार उत्तर से में कोना गांव से दक्षिण में बोरकुंड गांव तक है पूर्व से पश्चिम तक राज्य की चौड़ाई 875 किलोमीटर है तथा विस्तार पश्चिम में कटरा गांव से पूर्व में सिलावट गांव तक है
आकृति: पतंग के समान
स्थलीय सीमा: 5920 किलोमीटर
*सर्वाधिक लंबी अंतर राज्य सीमा झालावाड़ जिले की सबसे लंबी सीमा है जो मध्य प्रदेश से लगती है
*सबसे कम लंबी सीमा बीकानेर जिले की
*सबसे कम लंबी अंतर राज्य सीमा बाड़मेर जिले की गुजरात से मिलती है गुजरात की सर्वाधिक लंबी अंतर राज्य सीमा उदयपुर जिले से लगती है
*राज्य की सबसे कम लंबे अंतर राज्य सीमा पंजाब राज्य से लगती है एवं सर्वाधिक लंबी अंतर राज्य सीमा मध्य प्रदेश से मिलती है
*सीमावर्ती जिले अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित श्री गंगानगर बीकानेर जैसलमेर बाड़मेर
*सीमावर्ती चारों जिलों में से अंतरराष्ट्रीय सीमा के सर्वाधिक निकट सर्वे जिला मुख्यालय श्रीगंगानगर में सर्वाधिक दूर शहर व जिला मुख्यालय बीकानेर है
*पंजाब राज्य से सबसे कम लंबी सीमा हनुमानगढ़ जिले की तथा सर्वाधिक श्री गंगानगर जिले की मिलती है
*मध्य प्रदेश से सर्वाधिक लंबी अंतर राज्य सीमा झालावाड़ की एवं न्यूनतम भीलवाड़ा जिले की लगती है
*बाड़मेर ऐसा जिला है जिसकी सीमा पाकिस्तान से मिलती है एवं गुजरात से भी मिलती है इसी प्रकार गंगानगर जिले की सीमा पाकिस्तान एवं पंजाब राज्य दोनों से मिलती है
 *पाली जिले की सीमा सर्वाधिक 8 जिलों से लगती है अजमेर बाड़मेर जालौर जोधपुर नागौर राजसमंद सिरोही से उदयपुर
*अंतर्भरती जिले 8 पाली जोधपुर नागौर दौसा टो बूंदी अजमेर राजसमंद इन जिलों की सीमा किसी भी अन्य राज्य या अन्य देश से नहीं मिलती है
*जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा जिला जयपुर एवं सबसे छोटा जिला जैसलमेर है एवं क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा जैसलमेर एवं सबसे छोटा धौलपुर है
*राजस्थान में सूर्योदय एवं सूर्यास्त दोनों सर्वप्रथम धौलपुर जिले में तथा सबसे बाद में जैसलमेर जिले में होते हैं

    राजस्थान के भौतिक विभाग या भू आकृति प्रदेश

*राजस्थान विश्व में प्राचीनतम भूखंडों का अवशेष है प्राकृतिक इतिहास विकास में विश्व दो भूखंडों एक अंगारा लैंड व्वे दूसरा गोडावण लैंड मैं विभक्त था जिनके मध्य टेथिस सागर विस्तृत था राजस्थान में उत्तरी पश्चिमी मरू प्रदेश एवं पूर्वी मैदान इसी 33 महासागर के अवशेष माने जाते हैं जो कालांतर में नदियों द्वारा लाई गई तब समिति के द्वारा पार्ट दिए गए हैं राज्य के अरावली पर्वतीय एवं दक्षिणी पूर्वी पठारी भाग गोंडवाना लैंड के हिस्से हैं राजस्थान की जलवायु वे धरातल के अंतर ओं के आधार पर मुख्यतः निम्न चार भौतिक विभागों में बांटा जा सकता है
(1) उत्तर पश्चिमी मरुस्थलीय भाग
(2)मध्यवर्ती अरावली पर्वतीय प्रदेश
(3)पूर्वी मैदानी भाग
(4) दक्षिण पूर्वी पठारी भाग

     राजस्थान की जलवायु
*राज्य उपोषण कटिबंध में स्थित है राजस्थान में अरावली पर्वत श्रेणियों ने जलवायु की दृष्टि से राजस्थान को दो भागों में विभक्त कर दिया है
पश्चिम क्षेत्र: यह अरावली का वृष्टि छाया प्रदेश होने के कारण अति अल्प वर्षा प्राप्त करता है यहां शुष्क जलवायु पाए जाते हैं
पूर्वी भाग अरावली के पूरे भाग में तापक्रम के मैं प्राय एकरूपता अपेक्षाकृत अधिक आद्रता एवं एक वर्षा देखने को मिलती है उसी प्रकार इस भाग में आदर्श में पाई जाती है

जलवायु विशेषताएं
*राजस्थान की लगभग समस्त वर्षा गर्मियों में दक्षिण पश्चिम मानसून इन हवाओं से होती है शीतकाल में बहुत कम वर्षा उत्तरी पश्चिमी राजस्थान में भूमध्य सागर से उत्पन्न पश्चिमी विक्षोभ से होती है जिसे हम आवत कहते हैं वर्षा का वार्षिक औसत लगभग 58 सेमी है
*वर्षा की मात्रा में समय निश्चित वर्षा के अभाव में आए वर्ष अकाल और सूखे का प्रकोप रहता है
*वर्षा का असमान वितरण है दक्षिणी पूर्वी भाग में जहां अधिक वर्षा होती है वहीं उत्तर पश्चिमी भाग में नग्न वर्ष होते हैं

राजस्थान की जलवायु को प्रभावित करने वाले कारक
(1)राज्य की अक्षांशीय स्थिति
(2)प्रचलित हवाई
(3)पर्वतीय अवरोध वे ऊंचाई
(4)समुद्र तल से औसत ऊंचाई
(5)समुंदर से दूरी
(6)महाद्वीपीय

 जलवायु के आधार पर राजस्थान में मुख्य ऋतु 
(1)ग्रीष्म ऋतु मार्च से मध्य जून त
(2)शीत ऋतु नवंबर से फरवरी तक
(3)वर्षा ऋतु मत दे जून से सितंबर तक

राज्य में कम वर्षा के कारण
(1)बंगाल की खाड़ी का मानसून गंगा के मैदान में अपने आद्रता लगभग समाप्त कर चुका होता है
(2)अरब सागर से आने वाली मानसूनी हवाओं की गति के समानांतर ही अरावली पर्वत श्रेणियां है अतः हवाओं के बीच अवरोध ने होने से वह बिना वर्षा के आगे बढ़ जाती है
(3)मानसूनी हवाएं जब रेगिस्तानी भाग पर आती है तो अत्यधिक गर्मी के कारण उनकी आद्रता गिर जाती है जिससे व्यवस्था नहीं कर पाती है
  
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